तेरी यादें ,तेरी जुदाई................


                     

तुम्हे धडकनों में हमने धडकते पाया .
तुम्हे सांसो में हमने ,महकते पाया .
मैंने  जब  भी  बंद  की  पलके ,
तुम्हे  आँखों  में हंसते पाया .
अक्सर गजल बना तुम्हे अपनी ,
होंठो को हमने गुनगुनाते पाया .
हाथो में चेहरा छुपाये हुए अपना ,
ख्वाबो में तुम्हे हंसते पाया .
और फिर वो मंजर तेरी जुदाई का ,
मन को सिसकते ,धडकन को तडफते और आँखों को रोते पाया.......



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