बहुत...

मत पूछ मुझको हुआ क्यों मिलके दर्द बहुत. 
जख्म खुले थे ,और वो था नमकीन बहुत.

मैंने देदी जब उसने मांगी इजाज़त - ए - रुख्सती मुझसे 
जिस अदा से मांगी  थी , वो थी  बेहतरीन बहुत .

किसी ने उससे पूछ ली , मुझसे  जुदा होने की वजह 
कमबख्त ने बोल दिया मुझको मिजाज - ए - रंगीन बहुत

अब सजा होगी तो सजा- ए - मौत से कम क्या होगी
इल्जाम लगा दिया  है जालिम ने संगीन बहुत 

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