बेदर्द जवानी

एहतराम ना कर इस बेदर्द जवानी का .
ये तो रिश्ता हैं जैसे आग और पानी का.
जहान वाकिफ हैं इश्केशिद्दत से मीरा की
और सबको मालूम हैं अंजाम उस दीवानी का .

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