.................. अकेला हूँ
दिल में काफी कुछ हैं मेरे, कुछ कहने को , कुछ सुनने को .
बैचेन हैं दिल की हर धडकन, सब कुछ तुझे बतलाने को.
आँखों से बरसा सावन, सिसकी हर एक साँस मेरी .
थामा तूने हाथ था उसका ,संगदिल मुझे रुलाने को .
बैचेन हैं दिल की हर धडकन, सब कुछ तुझे बतलाने को.
आँखों से बरसा सावन, सिसकी हर एक साँस मेरी .
थामा तूने हाथ था उसका ,संगदिल मुझे रुलाने को .
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