नही गवारां ओर कोई .......

आखिरी मुलाकात के बाद उनसे , आँखे बंद है मेरी,
धडकनों को मेरे  दिल की  नही गवारां ओर कोई .
तू चाहे किसी को भी बना ले हमसफ़र अपना ,
पर सिवा तेरे ,आगोश मे नही  गवारां ओर कोई .

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अंदाज़ नजर के.....................

इश्क़ नहीं है

हम मिल जाते अगर