इस प्यार का पता कैसे चलता हैं .....
नही पता ,इस प्यार होने का पता कैसे चलता हैं ,
इसमें क्या खो जाता है ,क्या मिलता है .
कोई कहता हैं ,दिल की धडकने बढ़ जाती हैं ,
कोई कहता हैं , उसे देखकर आँखे झुक जाती हैं .
पर मुझे तो ,ना दिल का ख्याल रहता हैं ,
ना अपनी निगाहों पे कमान रहता हैं ,
कोई कहता हैं , नींदे उड़ जाती हैं ,
कोई कहता हैं ,जिन्दगी बदल जाती हैं ,
पर मेरे तो ख्वाबो में तू हैं .
और मेरी तो जिन्दगी तू हैं .
कोई कहता हैं , उससे मिलने की आरज़ू होती हैं .
कोई कहता हैं ,हर पल उसी से गुफ्तगू होती हैं .
मगर मैं हूँ ही नही , मैं तो तू हैं .
फिर तू कैसे भला खुद से कर सकती गुफ्तगू हैं .
सच तो ये हैं कि
अब अपने वजूद का अहसास नही .
कोई पल नही ऐसा जब तू मेरे पास नही.
इसमें क्या खो जाता है ,क्या मिलता है .
कोई कहता हैं ,दिल की धडकने बढ़ जाती हैं ,
कोई कहता हैं , उसे देखकर आँखे झुक जाती हैं .
पर मुझे तो ,ना दिल का ख्याल रहता हैं ,
ना अपनी निगाहों पे कमान रहता हैं ,
कोई कहता हैं , नींदे उड़ जाती हैं ,
कोई कहता हैं ,जिन्दगी बदल जाती हैं ,
पर मेरे तो ख्वाबो में तू हैं .
और मेरी तो जिन्दगी तू हैं .
कोई कहता हैं , उससे मिलने की आरज़ू होती हैं .
कोई कहता हैं ,हर पल उसी से गुफ्तगू होती हैं .
मगर मैं हूँ ही नही , मैं तो तू हैं .
फिर तू कैसे भला खुद से कर सकती गुफ्तगू हैं .
सच तो ये हैं कि
अब अपने वजूद का अहसास नही .
कोई पल नही ऐसा जब तू मेरे पास नही.

thanks
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