वो लम्हा...
वो लम्हा बड़ा बुरा था .
जब मैं तुमसे जुदा हुआ था .
तुमने भी मुड कर नही देखा मुझे,
मैं बहुत देर तक उसी मोड़ पर रुका था.
वो शक्स क्यू हैं खफा इतना मुझसे ?
मैं कभी जिसकी धडकन बना था .
गम बे इन्तहा नसीब किये उसने मुझको ,
जब उसे बताया कि वो मेरा खुदा था .
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें